उत्तराखंड को प्रकृति ने दिल खोल कर दुर्लभ खजाने दिये हैं, एक ओर जहाँ सुँदर प्राकृतिक वातावरण प्रदान किया है तो, वहीं जंगलों को एक से बढकर एक दुर्लभ जड़ी बूटियों से भर दिया है, ये जड़ी बूटियाँ अपने औषधीय गुणों से लोगों को विस्मित कर देती हैं,ये जड़ी बूटियाँ असाध्य से असाध्य रोगों को दूर करने में सक्षम है। आज ऐसी ही कुछ जड़ी बूटियों के बारे में आपको विस्तार से जानकारी देने का प्रयास इस लेख के माध्यम से कर रहे हैं। निर्गुन्डी (वाइटेक्स निर्गुण्डो)- ये गठिया वात, सूजन व कान दर्द , माँस पेशियों ,अस्थमा, त्वचा चमकदार, माइग्रेन ,पाचन तंत्र व बालों के विकास के लिए फायदेमंद है। जटामांसी (वैलेरियाना जटामांसी)- ये हैजे की बीमारी में बहुत फायदेमंद होती है,इसके अलावा यह शक्ति वर्धक दवाईयाँ बनाने में भी काम आती है ये हमारे इम्यून सिस्टम को ठीक रखती है, इसके अतिरिक्त दिल के रोग, उच्च रक्तचाप ,मिर्गी, मानसिक थकावट, अनिद्रा, सिर दर्द, दिमाग तेज करने, चिंता दूर करने में सहायक है। वज्रदंती (पोटेन्सिला फ्रुटीकोसा) ये दाँतों के लिए सबसे अधिक उपयोगी है,मसूड...
उत्तराखंड में पायी जाने वाले विभिन्न तरह कें खाद्यान्नों एवं जड़ीबूटीयों कें बारे में जानकारी प्राप्त करने कें लिये पढ़िए इस ब्लॉग कों